प्रत्यक्ष तारा की सिद्धि भोग और मोक्ष की सिद्धि शेयर मार्किट का किंग 💯% चैलेंज धन और वैभव खत्म नहीं होगा
# माँ तारा सिद्धि और धन सिद्धि साधना: एक अनुभवी साधक का संपूर्ण मार्गदर्शन
## प्रस्तावना
आज के इस लेख में हम एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक साधना के बारे में जानेंगे — **माँ तारा सिद्धि और धन सिद्धि साधना**। यह जानकारी एक अनुभवी साधक सागरनाथ जी के प्रत्यक्ष अनुभव पर आधारित है, जो उन्होंने अपने गुरुदेव से प्राप्त की और स्वयं सिद्ध करके दूसरों को भी लाभान्वित किया। इस साधना का मंत्र भले ही छोटा है, परंतु इसकी ऊर्जा और प्रभाव ब्रह्मास्त्र के समान है। यह साधना न केवल धन की समस्या को दूर करती है, बल्कि साधक को दिव्य सिद्धियाँ भी प्रदान करती है — यहाँ तक कि उसे त्रिकालदर्शी भी बना देती है।
## माँ तारा — तारने वाली माँ
### माँ तारा का परिचय
माँ तारा का नाम ही उनके स्वभाव को दर्शाता है — **”तारा” अर्थात् तारने वाली**। जो भी इनकी शरण में जाता है, माँ उसका उद्धार करती हैं। यह साधना इसलिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है क्योंकि माँ तारा एक साथ दो महान फल देती हैं:
**भोग** — अर्थात् सांसारिक सुख-सुविधाएँ जैसे धन, मकान, गाड़ी, अच्छा जीवन।
**मोक्ष** — अर्थात् अंतिम मुक्ति और परमात्मा की प्राप्ति।
सागरनाथ जी के अनुसार उनके गुरुदेव सत्संग में बताते थे कि आज के युग में धन की समस्या घर-घर में है। जब किसी घर में धन का अभाव होता है, तो व्यक्ति — चाहे वह स्त्री हो, बच्चे हों या बड़े — गलत रास्ते पर पड़ जाते हैं। इसीलिए माँ तारा की साधना जीवन की इस मूलभूत समस्या का एक आध्यात्मिक समाधान है।
### किन महान विभूतियों ने माँ तारा की शरण ली?
सागरनाथ जी ने बताया कि माँ तारा की महिमा इतनी असीम है कि उनकी शरण में बड़े-बड़े महापुरुष और देवता भी गए हैं:
**भगवान बुद्ध** ने माँ तारा की शरण ली।
**भगवान रामचंद्र जी के कुलगुरु विशिष्ट** भी इनकी शरण में गए।
**भगवान शंकर** भी माँ तारा की शरण में गए।
**महाबली रावण** भी माँ तारा के पास गया था — अपने को पूर्ण करने के लिए।
परंतु माँ की कृपा यह है कि वे जिसे उचित समझें, उसे ही पूर्ण करती हैं। यह उनकी इच्छाशक्ति और विवेक पर निर्भर है।
## भगवान शिव और माँ तारा का संबंध
सागरनाथ जी ने एक विशेष बात बताई जो बहुत महत्वपूर्ण है:
**जिसको भगवान शिव न तारें, या उसकी अत्यधिक परीक्षा लें, उसे एक बार माँ तारा साधना अवश्य करनी चाहिए।**
इस साधना के करने के बाद भगवान शंकर उस साधक पर अपनी पूर्ण कृपादृष्टि बनाने लगते हैं। यानी माँ तारा की साधना शिव कृपा प्राप्त करने का एक सेतु भी है।
## त्रिकालदर्शी सिद्धि — भूत, भविष्य और वर्तमान का ज्ञान
इस साधना का एक विशेष और अद्भुत फल है — **त्रिकालदर्शिता**। जब भी कोई साधक किसी देवी-देवता की सिद्धि प्राप्त कर लेता है, तो वह स्वतः ही त्रिकालदर्शी बन जाता है। अर्थात् उसे भूत, वर्तमान और भविष्य का ज्ञान होने लगता है।
सागरनाथ जी कहते हैं कि यह कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि उन्होंने इसे स्वयं अनुभव किया है। यह सिद्धि अपने आप आती है — इसके लिए अलग से कोई प्रयास नहीं करना पड़ता।
माँ तारा की सिद्धि के पश्चात् साधक को एक **आनंद वीर भैरव** भी प्राप्त होता है — जो उस साधक की हर प्रकार से रक्षा करता है। माँ स्वयं उस समय साधक के पास नहीं आतीं, बल्कि अपना वीर भेजती हैं। यही वीर आगे चलकर भूत, भविष्य और वर्तमान सभी बताता है।
## एक सच्चा अनुभव — शेयर मार्केट और माँ तारा की कृपा
### मित्र की समस्या और साधना का निर्णय
सागरनाथ जी ने अपने एक मित्र का वास्तविक अनुभव साझा किया। उनका मित्र शेयर मार्केट में भारी नुकसान उठा चुका था और उसने सागरनाथ जी से मदद माँगी। वह चाहता था कि उसे **इंट्राडे ट्रेडिंग** (यानी एक ही दिन में सौदा लेना और बेचना) में मार्गदर्शन मिले।
सागरनाथ जी ने उसे एक सप्ताह के लिए माँ तारा साधना का सहारा लेने का निर्णय किया। यह एक **शुक्ल पक्ष का शुक्रवार** था — जो इस साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
### साधना की विधि और अनुभव
मित्र को सामग्री लाने को कहा गया — जो अधिक महंगी नहीं थी। दोनों बैठे और **101 माला जाप** प्रारंभ हुआ।
जाप के दौरान:
सागरनाथ जी के शरीर पर अत्यधिक भार महसूस हुआ।
51 मालाओं के बाद ऐसा लगा जैसे माँ हाजिर होने वाली हैं।
उनका चेहरा लाल पड़ने लगा — जैसे **महातारा का मुख** और हनुमान जी का मुख लाल होता है।
मित्र यह देखकर भयभीत हो गया।
101 मालाएँ पूर्ण होने पर मित्र ने माँ से क्षमा माँगी। सागरनाथ जी ने उसे आश्वस्त किया।
### शेयर मार्केट में चमत्कार
साधना के बाद माँ की कृपा से सागरनाथ जी ने अपने मित्र को **टाटा स्टील** का स्टॉक लेने की सलाह दी। मित्र ने सुबह बाजार खुलते ही 300 का लॉट लिया।
दोपहर होते-होते उस स्टॉक में जबरदस्त उछाल आया। मित्र के हाथ-पाँव खुशी और आश्चर्य से काँपने लगे। पहले ही दिन ₹25,000 का लाभ हुआ (ब्रोकरेज और जीएसटी काटकर)।
**पूरे एक सप्ताह** में माँ का मार्गदर्शन जारी रहा — कभी गोल्ड में, कभी सिल्वर में निवेश की सलाह मिली। उस सप्ताह में मित्र का पूरा पहले का नुकसान ढककर लाभ हो गया।
### 21 दिन की पूर्ण साधना
इसके बाद मित्र ने पूरे **21 दिनों की साधना** करने का संकल्प लिया। सागरनाथ जी उसके साथ रहे और उसकी देखरेख की।
**15वें-16वें दिन** से चमत्कार दिखने लगे:
माँ तारा सपने में प्रकट हुईं — सुंदर रूप में।
स्वप्न में माँ ने **बाल रूप भगवान शिव** को गोद में उठाया हुआ था और उन्हें दूध पिला रही थीं।
सागरनाथ जी ने मित्र को समझाया: *”माँ ने अब तुझे अपना बच्चा मान लिया है। वो तुझे दूध पिलाने वाली है।”*
### मित्र ने माँ से क्या माँगा?
21वें दिन जब मित्र ने साधना संपन्न की, तो माँ से एक ही वरदान माँगा:
**”माँ, मुझे दर्शन मिलें या न मिलें — चिंता नहीं। बस मेरे सिर पर हाथ रख दो कि जो धन है, वह मुझसे कभी न छीना जाए। मुझे इतना धन दो कि मैं उसे अच्छे कामों में लगा सकूँ और अपनी मनोकामनाएँ पूरी कर सकूँ। इस धन का मैं कभी बुरे कामों में प्रयोग नहीं करूँगा।”*
सागरनाथ जी ने पहले ही उसे सिखाया था कि **माँ से सीधा, सरल और पवित्र भाव से माँगो — उलटा-पुलटा मत माँगो।**
आज वह मित्र **शेयर मार्केट का बादशाह** बन चुका है। इंट्राडे ट्रेडिंग में उसे हर रोज अपार धन मिलता है।
## साधना की संपूर्ण विधि
### मंत्र
**ॐ****** फट्**
यह मंत्र छोटा है, परंतु इसकी ऊर्जा ब्रह्मास्त्र के समान शक्तिशाली है।
### साधना प्रारंभ करने का शुभ समय
साधना **शुक्ल पक्ष के शुक्रवार** से प्रारंभ करनी चाहिए।
बैठने का समय — **रात्रि 9 बजे या 10 बजे**।
### वस्त्र और आसन
**वस्त्र और आसन दोनों गुलाबी रंग के** होने चाहिए।
### माला
माला **रुद्राक्ष की** होनी चाहिए।
### सामग्री
साधना में निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करें:
1. **एक पान का पत्ता** — जो खंडित न हो, और जिसकी डंडी पीछे की ओर हो।
2. **एक कपूर की टिक्की** — जो पान के पत्ते पर रखी जाए।
3. **दो लौंग** — पान के पत्ते पर रखें।
4. **कपूर को अग्नि दें** — माँ तारा का आवाहन करें।
5. **एक नींबू काटें** — उसी समय, माँ के सामने।
### जाप की संख्या और अवधि
प्रतिदिन **101 माला जाप** करना है।
यह साधना **21 दिनों तक** निरंतर करनी है।
## साधना के लाभ — किन क्षेत्रों में काम करती है माँ तारा?
सागरनाथ जी ने बताया कि यह साधना जीवन के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व परिणाम देती है:
**शेयर मार्केट** — बाजार में सही निर्णय लेने की शक्ति और लाभ मिलता है।
**व्यवसाय** — रुका हुआ काम रेलगाड़ी की तरह दौड़ने लगता है, व्यापार में तेजी आती है।
**रियल एस्टेट और बिल्डिंग निर्माण** — तूफान की तरह उन्नति होती है।
**इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट** — व्यापार में बरकत ही बरकत आती है।
**सोने का व्यापार (गोल्ड)** — इसमें तो यह “सोने पे सुहागा” है।
**सामान्य धन समस्या** — गरीबी और आर्थिक तंगी से मुक्ति।
माँ की शक्ति इतनी विलक्षण है कि वे किसी और के धन को खींचकर साधक को नहीं देतीं — बल्कि साधक को स्वयं उन्नत करती हैं।
## सिद्धि के बाद क्या करें — सिद्धि को जीवित कैसे रखें?
21 दिन की साधना पूर्ण होने के बाद सिद्धि को बनाए रखने के लिए:
**हर सप्ताह एक शुक्रवार** को वही विधि दोहराएँ।
उस दिन **101 माला जाप** करें।
यही विधि प्रति सप्ताह दोहराते रहें।
सागरनाथ जी ने स्पष्ट चेतावनी दी: **यदि यह साप्ताहिक अभ्यास नहीं किया गया, तो 21 दिन की मेहनत से प्राप्त सिद्धि धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।**
## महत्वपूर्ण बातें और सावधानियाँ
सागरनाथ जी ने कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण बातें बताईं जिनका पालन करना अनिवार्य है:
**1. गुरु का सानिध्य अनिवार्य है।**
यह साधना केवल गुरु के मार्गदर्शन में करनी चाहिए। सागरनाथ जी के मित्र की साधना इसीलिए सफल हुई क्योंकि सागरनाथ जी स्वयं उनके साथ खड़े थे। बिना गुरु के यह साधना करना उचित नहीं।
**2. 101 माला का संकल्प दृढ़ रखें।**
20-30 मालाओं से कुछ नहीं होता। पूरे 101 माला — पूरे जोश और एकाग्रता के साथ — करनी होती है।
**3. साधना के दौरान मन एकाग्र रखें।**
यदि साधना के समय मन में सांसारिक विचार — जैसे शेयर मार्केट के भाव — घूमते रहे, तो साधना भंग हो जाती है।
**4. माँ से सही और पवित्र भाव से माँगें।**
माँ से हमेशा सीधा, सरल और पवित्र भाव से माँगें। उलटा-पुलटा माँगने पर माँ की कृपा के बदले कठिनाई आ सकती है।
**5. सिद्धि का दुरुपयोग न करें।**
सिद्धि हो जाने के बाद उसका प्रयोग किसी का बुरा करने के लिए या गलत कामों के लिए नहीं करना चाहिए।
## निष्कर्ष
माँ तारा सिद्धि और धन सिद्धि साधना एक अत्यंत प्रभावशाली और सिद्ध तांत्रिक साधना है। यह साधना जीवन के हर क्षेत्र में — चाहे धन हो, व्यापार हो, या आत्मिक उन्नति — अभूतपूर्व परिणाम देती है। माँ तारा भोग भी देती हैं और मोक्ष भी — यही इस साधना की सबसे बड़ी विशेषता है।
सागरनाथ जी का अनुभव और उनके मित्र की सफलता की कहानी यह प्रमाणित करती है कि यदि इस साधना को सच्चे भाव, दृढ़ संकल्प, सही विधि और **गुरु के सानिध्य** में किया जाए, तो माँ तारा की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
**याद रखें:** माँ से जो भी माँगें, पवित्र भाव से माँगें। जो मिले, उसका उपयोग सत्कार्यों में करें। माँ की शरण लेने वाले को माँ कभी निराश नहीं करतीं।
*🙏 जय माँ तारा | जय महाकाल | राम राम 🙏*
**अस्वीकरण:** यह लेख एक अनुभवी साधक के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। कोई भी साधना करने से पहले किसी योग्य गुरु का मार्गदर्शन अवश्य लें।
