Mahakali Durga Navratron नवरात्रों में महाकाली दुर्गा और बटुक भैरव सिद्धि साधना मंतर Mahakalibhairav

Mahakali Durga Navratron नवरात्रों में महाकाली दुर्गा और बटुक भैरव सिद्धि साधना मंतर

Mahakali Durga Navratron नवरात्रों में महाकाली दुर्गा और बटुक भैरव सिद्धि साधना मंतर के Mahakalibhairav
https://youtu.be/1Gn4jaJWudo?si=hykz7wevsPuNgRH4

 

Mahakali Durga Navratron  आपका फिर से स्वागत है। देखिए जो आज का हमारा टॉपिक रहने वाला है हमारा टॉपिक रहेगा नवरात्रि अभी आने वाली है कुछ दिन के बाद तो हम उसी टॉपिक के रिलेटेड आज हम बात करेंगे। आज हमारे साथ हैं नाथ संप्रदाय के सागरनाथ जी। सागरनाथ जी बहुत ही बड़े साधक हैं। जिन्होंने बहुत प्रकार की साधनाएं सिद्ध करी है। ठीक है?

एक अच्छे तांत्रिक हैं जिनको काफी सारी नॉलेज है तंत्र के फील्ड में। तो आज आज हम उन्हीं से ही कुछ नवरात्रि जो आने वाले हैं तो उनके रिलेटेड कुछ साधनाएं मैं पूछता हूं। ठीक है? कौन सी साधनाएं करनी चाहिए जिससे जिंदगी में चमत्कार हो जाए। ठीक है? जिनको चमत्कारी सिद्धियां हासिल करनी है जो लोग चाहते हैं कि जिंदगी में समस्याएं भी दूर हो जाए और चमत्कारी सिद्धि भी हासिल हो जाए नवरात्रों के नौ दिनों में तो सागरनाथ जी आप बताइए कि क्या करना चाहिए साधक को नवरात्रि के 9 दिन में और दूसरी एक आपसे विनती ये है कि हम बहुत सारे साधक हमें कमेंट में बोलते हैं कि आपका वीडियो काफी लंबा हो जाए तो हमें कम से कम समय में वो पूरी बात को रखना। ठीक है?

 

 

 

ठीक है? तो हम शुरू करते हैं। कौन सी साधना हमें करनी चाहिए? सबसे पहले ये बताइए। सबसे पहले सबको राम राम। जय माता दी। जी। अब मैं आज के टॉपिक में जो बात करने जा रहा हूं वो इतना ही सरल और सबसे यानी कि निष्ठावान और शांतिप्रिय चीज है। चीज यानी कि कह दिया जो 100 में सा बिल्कुल। लेकिन वो असर अपना पूरा करती है। 100 का 100% करती है। ठीक है?

अब कौन सी साधना करनी चाहिए? अब नवरात्रों के ऊपर तो शक्ति जागृत करनी चाहिए। शक्ति को कैसे खुश करना चाहिए? शक्ति के साथ उनके बेटे को भी खुश करना चाहिए। सबसे बड़ी बात अगर बेटा खुश मां भी खुश। अगर मां खुश बेटा भी खुश। अब सीधी बात पे आते हैं। कौन सी साधना है? कौन सा मंत्र है?

कैसे सिद्ध करना है? क्या विधि है? अब प्रॉपर्ली हम बताएंगे। बिल्कुल जी। ठीक है। जो अपना अनुभव है वो भी बताएंगे। जो अनुभव वाली साधना है वो बताएंगे। ये कहीं से उठाया, कहीं से दिया और क्या किया। बिल्कुल हमें बिल्कुल नाथ की ही चाहिए। जो मैं अपनी गुरुगद्दी के साथ जो साधना चलाता हूं। जो मेरी गुरुगद्दी के साथ चलती है वो बताता हूं। ये ना ही तो ये मंत्र शीन होने वाला है।

कार्य पूरा करेगा। लेकिन जो इसका मंत्र का दुरुपयोग करेगा खुद बागी बनेगा। हमें यह भी पता है। ठीक है? ये मंत्र मैं उजागर भी अगर करता हूं तो ये शीन नहीं होगा। अपने तेज में ही रहेगा। सबसे पहले हम करेंगे मां दुर्गा जगत जननी महाकाली का आवाहन। कैसे करेंगे? क्योंकि वो पतित है। पतित कहने का अर्थ है जो नीच से नीच इंसान है पापी को भी तार तार देती है। तार देती है। वो है वो हमारी बड़ी मां है जिसको हम बोलते हैं आद ब्रह्म शक्ति। और बताएं इसके ऊपर क्या पूछना चाहते हैं?

पहले जी ये जो साधना रहेगी सबसे पहले मैं बात ये पूछना चाहता हूं।

बटुक भैरव सिद्धि साधना मंतर  इसके फायदे क्या है ?

चमत्कारी फायदे चमत्कारी फायदे जैसे किसी की नौकरी नहीं लगती नौकरी लग जाएगी जिसके घर में धन नहीं टिकता धन हो जाएगा जिसकी औलाद नहीं होती उसकी औलाद भी होगी जिसके शरीर के ऊपर जैसे रोग नहीं झकड़ा हुआ रोग खत्म हो जाएगा जो आपके छोटे-छोटे कामों में या बड़े कामों में रुकावट आ रही है बिल्कुल वो खत्म हो जाएगी जैसे आसपास के तुम्हें शत्रु परेशान करते हैं

जैसे मान लो आपके ऑफिस में आपके अगल-बगल में ठीक वो भी खत्म हो जाएंगे। और मैं इसके बारे में क्या कहूं? यह कार्य सिद्धि कार्य सिद्धि जारी करती है। कार्य सिद्धि जो आपका कार्य मनोकामना जिस लक्ष्य को लेके कोई बंदा कर रहा है वो लक्ष्य की पूर्ति होगी। सब पूरी होगी पूरी होगी। टीच एंड टीच पूरी होगी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल मैं समझ गया आपके पास। सहमत तो आगे बताएं। आगे ऐसे बताते हैं। इसका अनुभव क्या-क्या होता अनुभव ये बताता हूं।

सबसे छोटी बात बताता हूं। ऑल इंडिया जब गई थी वेस्ट इंडीज में वर्ल्ड कप खेलने। पिछला 2024 में T20 थी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। हमारे मन में एक खेद था कि 2023 का वर्ल्ड कप हार चुकी है। 2024 का वर्ल्ड कप आने वाला है। लेकिन ये अब जीतेगी तो मेरे को शांति मिलेगी। बिल्कुल बिलकुल। तो क्या किया जब ये इंडिया के खेलने के मैच हो रहे थे। हम माता का ध्यान करके बैठ जाते थे देखने के लिए टीवी पे। क्योंकि मजा लेते थे हम खेलने में खेल खेल का तो लेकिन फेवर अपने देश की ही करेंगे दूसरे देश की नहीं करेंगे सीधी बात है पहले हमारे लिए हमारा देश है हमारी मां है

बाकी सब बाद में है हम हम जब हम उनका आवाहन करते थे आदि शक्ति का और साथ में बटुक भैरव का बस इतना बोलते थे कि इनकी पीठ नहीं लगनी देनी चाहिए इंडिया वालों की जो इनके आगे शत्रु हैं दूसरी टीम खेल रही है उनके पत्ते उखाड़ दो यानी कि इनकी गिल्लियां उखाड़ दो आगे टिकी ना पाए है तो इंडिया ऐसे खेल रही थी। यह उठा के देख लेना। इसका रिकॉर्ड भी देख लेना। वीडियो भी देख लेना। इन्होंने कैसे इनको मिट्टी में मसला है दूसरों को। चाहे वो ऑस्ट्रेलिया टीम थी, साउथ अफ्रीका थी, इंग्लैंड थी। मसल के रख दिया बिल्कुल ही। ये मतलब कि इतनी बलशाली हमारी मां है। और आखिर में जब हम वर्ल्ड कप जीत गए थे तो हमें शांति मिली थी

बिल्कुल पूरी। उस समय हमारी शर्तें भी लगी हुई थी कि इंडिया वर्ल्ड कप नहीं जीतेगी साउथ अफ्रीका से। मैंने बोला था कि हम इतनी परफेक्ट होकर बात बोल रहे हैं। अपने मुंह के ऊपर हाथ फेर कर बोल रहे हैं कि हम अपनी तुम्हारे मुंह से मूछ मनवा देंगे अपनी कि अगर ये इंडिया हार जाएगी तो ये गुलामी करेंगे। कहते ऐसे नहीं है।

मैंने कहा शर्त लगा क्योंकि हमारा एक फ्रेंड था उसको आदत थी बैटिंग करने की इसके ऊपर चलने की सट्टा खेलने की। वो बोलता है आज मैंने सट्टा जीतना है। मैं जीतेगा तू लगा। उसने तकरीबन उस समय 500 उसके ऊपर लगाया था जिसका उसको रिटर्न में 40 400 मिला था। 50 लगा के 400 मिला था। हम इतनी बड़ी बात है। पैसे पैसे कमाए थे उसने। इतनी बड़ी बात है। एक तरीके से हम ये चीज बोल सकते हैं कि किसी भी चीज को हम बदल सकते हैं।

बिल्कुल रियलिटी है भाई। वो आद्रम शक्ति है। शक्ति है। ये तो बच्चे हैं। क्या कर लें? कुछ नहीं उखाड़ सकते। मतलब एक चीज है जैसे असंभव से काम को भी हम संभव संभव कर सकते बड़ी आसानी से अरे भाई कोई आज के टाइम में मान ले मैं पैसा लगाता हूं बैटिंग पे उसके होश उड़ जाएंगे 500 लगाएंगे अगर चले गए तो कहां से देंगे मैंने थोड़ी देने का बिल्कुल मैंने तो उसको ये बात बोली थी तू लगा जीतेगा कहता देने का कहता वो चिंता मत करो मेरे को पता है

तूने जो बोल दिया वो होगा बिल्कुल मतलब ये अपने आप में ये बहुत बड़ी अरे भाई लाइव अनुभव बोल रहा हूं इतने बड़े बात उसके बाद मैं और क्या बताऊं इसका चक्कर हमारा कहां-कहां पे नहीं पड़ा शक्ति का। इसमें माता जो है ना सौम्य रूप में चलती है। माता पार्वती के रूप सुंदर से उनके वस्त्र डाले हुए हैं। बहुत ही सुंदर है हमारी माता उसमें उस रूप में आती है। ये विकराल रूप नहीं आता।

Mahakali Durga Navratron नवरात्रों में महाकाली दुर्गा और बटुक भैरव सिद्धि साधना मंतर

इसमें महाकाली का सुंदर रूप आता है। बिल्कुल सुंदर रूप शांत रूप आता है। जैसे गणपति के पास होती है ना मां अपनी पार्वती वैसा रूप आता है उनका। अच्छा चाहे उनको उसमें तामसी भोजन भोजन दो क्योंकि इसमें क्या होता है तामसी भोग भी चलता है। ठीक है जो उन्होंने हमें बताया हमने वैसा किया हमें किसी जनता की बात नहीं कि मां ये नहीं लेती मां पवित्र है मां वैष्णव शक्ति है मां जब जंग करने के लिए गई थी कि तो क्या पानी लेकर गई थी खंडा लेकर गई थी चंद्रहास उनके हाथ में था क्या उसको ब्लड नहीं लग रहा था वो कौन ले रहा था जोगनिया ले रही थी बिल्कुल गुरु जी टॉपिक पे टॉपिक की बात करूंगा मैं हम चलो एक चीज और है जी मतलब भी हम एक चीज समझ सकते हैं जो कि काम संभव है मतलब बड़े से बड़ा काम बड़े से बड़ा वही काम कर सकते हो बजा के काम ये मेरी तो सीधी बात है जब कोई मन बंदा भी मतलब ना मैं एक सजेशन देता हूं जो बंदा करेगा तो पहले ये संकल्प ले ले कि मेरी ये इच्छा है

इस इच्छा को रख के मैं करूंगा ठीक है तो उसकी चाहे इच्छा असंभव भी हो तो वो भी संभव अरे हमें हमें भटुक जी ने खुद बोला था इस मंत्र में जिन जिन नाथ साथ में चलते हैं मुस्लिम के अच्छा अपने आप उनके साथ चलते हैं उनका पानी भरते हैं खुद चलते हैं उनके साथ उन्होंने हमें खुद बोला था माता जी के साथ भी 64 पैरों 64 योगिनी और 52 पैरो साथ में चलते सब चलते हैं सब चलते मान लो उनका पति इतनी बड़ी शक्ति है जो आज आद शक्ति के पति हैं शिव शंकर जिनको महादेव बोलते हैं तो वो अपनी पत्नी की पीठ थोड़ी लगने देंगे। बिल्कुल। ठीक है ना?

वो तो खुद आदि शक्ति है। आदि शक्ति है। हां हम तो बूत हैं भाई उनके सामने। सबसे बड़ी बात है जब इनको गुरुगद्दी में सिद्ध किया जाता है तो बड़ा तरीके से सिद्ध किया जाता है। पहले आपके पास एक पक्का गुरु होना चाहिए। पक्का गुरु हंडा हुआ जो मास्टर हो इस लाइन में। फिर वो अपने चेले को देखता है। इतने टाइम हो गया है सेवा करते 6 महीने साल हो गया। यानी कि गुरु के कहने कार में रह के ज्यादा ज्यादा ज्यादा साल नहीं छ महीने बहुत होते हैं।

साल भी बहुत होता है। बिल्कुल। उसके बाद वो मंत्र दिया जाता है। फिर उसको बोला जाता है तू इतने मंत्र को पका। फिर तेरे ऊपर सवारी आएगी मां की। सवारी ये नहीं कि सीरियल आएगी, चीखें मारेगी। बैठे-बैठे आएगी तेरे को पता लगेगा। ठीक है? ऐसे सवारी आती है। फिर बटुक जी भी साथ में आते हैं। बटुक जी इसलिए होते हैं कि रक्षा करते हैं। कोई माइकल आसपास का तांत्रिक उल्ट पुल्ट कोई गलत हरकत तो नहीं कर रहा है। वो रक्षा करेंगे बताएंगे भी। अगर जरूरत पड़ेगी तो टांगे भी तोड़ेंगे अगले की जो उल्टा करेगा। हम हम मतलब कि यह मंत्र ऐसा है। अब और बताइए और क्या पूछना चाहते हो?

हम हम हेलो हम हम सबसे बड़ी बात ये है चलो मैं ही खुद बात करता हूं जब इस मेंटर को किया जाता है तो रुद्राक्ष की माला ली जाती है आसन लगाया जाता है आसन कंबल का हो चाहे उसका हो कुशा का हो ये आपके ऊपर डिपेंड है ऐसी कोई भी बड़ी बड़ी बात नहीं है। लेकिन हम जब इस माला को करना है तो माला नित नेम ऐसा होना चाहिए कि अपने को बांध के करना है। डगमगाना नहीं है।

 

डगमगाने का मतलब ये नहीं है कि आज माला की है तो कल किसी से लड़ाई करना। किसी को उल्टा अंट शंट बोलना है। ऐसा नहीं है। अंट शंट भी नहीं बोलने की जरूरत है। जो आपसे खार खाता है मां उसको खुद ही देख लेगी। ठीक है? उसको खुद ही नींबू की तरह निचोड़ देगी कि मां ऐसी शक्ति है। आपको बोलने की जरूरत नहीं है। अपनी माला करो अपना पाठ करो। पाठ ऐसे है मैं बता देता हूं

आपको। इसमें ये करना है पाठ आपने।

 

साबर मंत्र महाकाली शक्ति का 

काली महाकाली काली

दोनों हाथ बजावे ताली

हाथ में गदा हाथ में त्रिशूल

गुण की बाँधी नाव वाचा को बांधो ब्रह्मा

रक्षा वाचा को प्रणाम

करो लाज राखने वाली काली 

यह मैया का शाबर मंत्र है। हम कम से कम इसकी आपने पांच माला निकालनी है। नवरात्रों में 11 माला लेनी है। जैसे अब नवरात्रि शुरू होने वाले हैं। शक्ति को जागृत करो। जितनी शक्ति जागृत करोगे आपका भला होगा। अच्छा इसकी विधि क्या है ये विधि?

धर्म और मोक्ष भी आपको मिलेगा। विधि इसकी विधि विधि ऐसे ही है ना नारियल ले लेना है। हम नारियल ले लेना है। देसी घी की ज्योत लगाओ। देसी घी की नहीं जोत लगा सकते तो कड़वे तेल की लगाओ सरसों के तेल की वो लगाओ चौमुखिया जोत लगानी है चार मुखी बिल्कुल जी बिल्कुल ठीक है माला जपो माला पांच माला जपो या 10 माला जपो ठीक है कम से कम इतनी रखनी उसके बाद क्या करना है पहले सबसे पहले जब आसन पे बैठना है आसन का पाठ करना है जो आपके गुरु ने दिया होगा वो जरूरी है आसन के बाद गणपति की पूजा करनी है नॉर्मल मंत्र भी पढ़ सकते हो गणपति का जरूर जरूरी नहीं है कि लंबा चौड़ा विधि विधान रखना है। श्री गणेशाय भी बोल सकते हो। ओम गणपतिय नमः बोल सकते हो। ठीक है? एक माला इसकी निकालो। उसके बाद गुरु मंत्र की एक माला निकालो। फिर माता काली के पाठ पे बैठना है। बोल के बैठना है कि गुरुदेव मैं ये करने जा रहा हूं। मेरी रक्षा करो और मेरे को सिद्धि प्रदान करो। ठीक है।

कुछ दिन में ऐसे होंगे जैसे आपके पास एक कन्या बैठी हुई है। काले कपड़े डाल के बाल खुले छोड़े हुए हैं। जैसे वैष्णव माता कालकाठी दिखाई जाती है ना कि कन्या रूम में आती है। बिल्कुल बिल्कुल नवरात्र में वैसे माता आएगी आपके पास। आपको आभास होने लग पड़ेगा। काला साया भी दिखेगा छोटा सा। अच्छा। छोटे लड़के का भी दिखेगा। उसके हाथ में एक छोटा सा डंडा हो वो बटुक जी होंगे।

अच्छा। कहेंगे कुछ नहीं। माता के साथ बटुक भैरव जी साथ में चलते हैं। जी जी ये आएंगे पहले ये आएंगे चेले चपाटे इनके बाद में ये करेंगे ही नहीं आगे उनको इस साधना में नहीं करते जैसे बोलते हैं ना पहले इनके चेले चपाटे आते हैं या इनके जो होते हैं आगे दरवेश होते हैं वो आते हैं द्वारपाल आते हैं ऐसे में माता सीधी डायरेक्ट आती है बट डायरेक्ट आएगा डायरेक्ट सीधा सीधा अच्छी जानकारी लगी मेरे को और जिसको भी ये साधना करनी होगी तो नीचे हम लिंक दे देंगे वेबसाइट का और वहां से वो पढ़ कर सकता है।

बिल्कुल और बटु का ये शब्द है जो मंत्र पढ़ना है उनका ढैया है

साबर मंत्र बटुक भैरव सिद्धि 

काला भैरों चिट्टा भैरों

भैरों रंग बिरंगा

गल विच सोह्न्दी माला

मथ्थे सोह्न्दा टिक्का 

ये इसका इतना शब्द है इसकी भी पांच मालाएं करनी है आपने हम ठीक है पहले माता काली की करनी है हम उसके बाद शाम को बैठना है उसके बाद फिर इनकी भटक भैरव की करनी है एक पानी वाला नारियल लेना है अपने पास रखना है जब नौ दिन बैठना है

नवरात्रों में बिल्कुल बिलकुल क्योंकि अब तो दशमी है 10 नवरात्रि 10 चलेंगे जिसमें प्रभु राम जी ने शक्ति जागृत की थी। बिल्कुल तो नौ दिन नारियल रख के माता के मंदिर में चढ़ा कर आओ। दुर्गा मां के मंदिर में चढ़ा के आओ या काली मां के में चढ़ा के आओ। ठीक है। ये कंपलसरी है। बिल्कुल। ठीक है। और भोग में इनको जो चलता है जो क्लियरली जो मांगते हैं मैं बता देता हूं। इन्होंने जो मेरे को बताया था वो मैं आपको बता रहा हूं। हम ठीक है ये तो वैष्णव विधि है हम जो तामसिक विधि करना चाहते हैं ऐसे जब हम मेरे को क्या दिखा तामसिक विधि के लिए हम ऐसा करेंगे जी जो बंदा हमें कांटेक्ट करेगा पर्सनली हम बताएंगे ठीक है क्योंकि वीडियो ना काफी लंबा हो गया है जी अब इसको ज्यादा खींचना सही नहीं है

ठीक है क्योंकि जितने भी हमारे सब्सक्राइबर है तो वो बोलते हैं बहुत बड़ा वीडियो बनाते हैं ठीक है भाई वो तो ठीक है अब की बार तो पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है ना एक्सपीरियंस तो बताने पड़ते हां जी एक्सपीरियंस तो बताना बहुत जरूरी इस मंत्र के तो अभी एक ही एक्सपीरियंस ही बताया इंडिया के मैच के विन के बारे में अभी तो बिलकुल जी बिल्कुल और भी एक्सपीरियंस है अपने आप में देखिए कि बहुत ही बड़ी बात है

कि किसी चीज को इतनी बड़ी बात है कि देश की इज्जत का सवाल था देश की इज्जत का सवाल था भाई मन मन में जैसे कहता हूं ना मन मुड़ गया बिल्कुल बस मन में बात आ गई है कि बात पूरी कर ली और वो चीज पूरी भी हुई और शायद छोटी मोटी चीज भी नहीं थी। भाई विश्व पदर के ऊपर देश का सम्मान होगा वो लेवल तक।

तो भाई बहुत ही अच्छी पॉजिटिव आगे भी आने वाला है। आगे एशिया कप चल रहा है। मैं अभी बता रहा हूं। एशिया कप चल रहा है। अभी 2020 में इंडिया जीत जाएगा आराम से फाइनल मैच। ये आज की डेट में आपको बता कर जा रहा हूं क्लियर कि उनकी जीत को कोई रोक नहीं सकता। बिल्कुल जिस विजय रथ पे वो चल रहे हैं

ना हमें मालूम है। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल देखिए अगर किया कराया भी है ना किसी के ऊपर अगर वो भी कर ले तो वो भी वो टूट जाता है भाई टूट जाता है टूट जाता है टूट जाता है टूट जाता है मैं तो सीधी बात बोलता हूं सिंपल कपड़े डालो बाबा बनके काहे के घूमने की जरूरत है जब अपने आप को तपाना है अपने आप की एनर्जी बढ़ाओ सबसे बड़ी बात ये बिल्कुल बिल्कुल जब युद्ध होता है

दंगल में जब पहलवान जाता है ना जहां रेसलर जाता है या वीर जाते हैं तो फिर वो देखते नहीं है लड़ाई करते समय उनको पता है हमने अपने आप को पकाया हुआ है। हम हम सबसे ज्यादा ये है कि जितना इस शब्द से भला कर सको ना उतने ही तुम्हारे लिए मोक्ष के द्वार तुम्हारे लिए खुलेंगे। मेरे लिए नहीं खुलेंगे। मतलब बंदा देखो जी अपना फायदा करे। दूसरे का कोई नुकसान ना करे।

ये चीज हां ये तो है नहीं मुड़ तो फिर है ही हालत लास्ट है ही है बिल्कुल गांधी महात्मा गांधी थोड़ी बन चपेड़े ही खाई ज स बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल ठीक है ना भगत सिंह भी बनने है

बिल्कुल देखिए कुछ चीजें नरमी से कुछ कम गर्मी से दोनों तरीके से होता है जी ठीक है अगर भगवान कृष्ण शस्त्र ना उठाते पहले उन्होंने प्यार से करा या जो कम प्यार से भाई हम तो रियलिटी बता रहे हैं कि जो हो रहा है शस्त्र से होगा तो वो शस्त्र से ही जो हो रहा है ना उनकी मर्जी से हो रहा है वो आद परम शक्ति खुद भगवान कृष्ण है

जो खुद अवतार नहीं लेते सीधे आते हैं नीचे और अपनी पूरी कामना करके चले जाते हैं बिल्कुल ठीक है ना उनके जैसा कोई परमात्मा नहीं है जिन्होंने हर ग्रंथ में अपना ज्ञान दिया है कि मैं खुद हूं मैं एक देवते ने बोला है वो महादेव से भी ऊपर की पद भी है उनकी बिल्कुल क्योंकि उन्होंने अभी क्या है जी हम थोड़ी सी क्षमा चाहते हैं। यही पर टॉपिक को समाप्त करने का भी समय आ चुका है। जी बिल्कुल बिल्कुल टाइम भी है। ये भी अपने जो भी सब्सक्राइबर है उनको मैं एक चीज कहना चाहता हूं जो भी जिसको मंत्र चाहिए ठीक है। कोई भी मंत्र चाहिए तो Mythologynath.com वेबसाइट उपलब्ध है। सीधा हां सीधा बोलता हूं कि जुड़ो जुड़ना है तो जुड़ो गुरु मंत्र लो गुरु को तपो की साधना करो एक चीज बोलते हैं क्योंकि हम वो चीजें बताते हैं तांत्रिकों को खुजली होती है में ही आपको बड़ी से बड़ी साधनाएं मिलेगी। ठीक है? आज के लिए बस इतना ही। जय माता रानी दी

 

Brahmarakshas ब्रह्म राक्षस Brahmarakshasपरिचय और भ्रांतियों पर विचार कौंन होता है PH. 9855005385

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